
देश, 7 अगस्त 2026, 1.30 pm : भारत में धोखाधड़ी पर हालिया रिपोर्ट की प्रेस रिलीज़ दी गई है । इसमें बताया गया है कि भारत में धोखाधड़ी तेज़ी से और ज़्यादा जटिल होती जा रही है, और यह मुख्य रूप से AI-आधारित स्कैम, मोबाइल चैनलों और बढ़ते ‘मनी म्यूल’ इकोसिस्टम की वजह से हो रही है ।
· टेक्स्ट-मैसेज आधारित स्कैम में 146% की बढ़ोतरी हुई, जबकि मोबाइल धोखाधड़ी के मामलों में 67% की वृद्धि देखी गई; इसमें iOS पर 86% और Android पर 35% की बढ़ोतरी शामिल है ।
· धोखाधड़ी तेज़ी से और ज़्यादा महंगी होती जा रही है, जोखिम भरे पेमेंट सेशन दोगुने (2x) हो गए हैं, सेशन की औसत अवधि (median session length) 32% कम हो गई है, और धोखाधड़ी वाले हर सेशन में ट्रांसफर की औसत वैल्यू 1.7 गुना बढ़ गई है ।
· 2025 में, जांचकर्ताओं ने कई भारतीय बैंकों की 700 से ज़्यादा शाखाओं में 8.5 लाख (850,000) से ज़्यादा ‘म्यूल अकाउंट’ का पता लगाया, जो देश में बढ़ते म्यूल अकाउंट इकोसिस्टम के बड़े पैमाने को दर्शाता है ।
· 2025 में भारत में साइबर-धोखाधड़ी की शिकायतें ₹22,496 करोड़ तक पहुँच गईं और साथ ही म्यूल अकाउंट से जुड़े 26.48 लाख (2.6 मिलियन) मामले सामने आए, जबकि संदिग्ध रजिस्ट्री के ज़रिए ₹9,055 करोड़ के ट्रांज़ैक्शन को रोका गया