
रायपुर, 1 सितम्बर 2026, 8.00 pm : लंबे समय से कांग्रेस संगठन में बदलाव पर सबकी नजर है । कार्यकारिण के इंतज़ार में कांग्रेसी बेचैन हैं ।
कांग्रेस, किसी भी योजना या मुद्दे पर लंबा इंतजार करवाती है । प्रदेश अध्यक्ष के तो 2 कार्यकाल निकल गए । महिला प्रदेश अध्यक्ष के भी 2 कार्यकाल निकलने के बाद बड़ी मुश्किल से विधायक संगीता सिंहा को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है । किन्तु अभी भी पूर्णकालिक अध्यक्ष की घोषणा का इंतज़ार है ।
विधानसभा चुनाव 2028 में होने वाले हैं । अब तक पदाधिकारियों की घोषणा में देरी से चिंता निश्चित बनती है । घोषित पदाधिकारियों को अपना संगठन बनाने, और चुनाव के लिए संगठन के सदस्यों को उचित समय मिल भी पायेगा या नहीं यही सबसे बड़ा चिंता का विषय है ।
वर्तमान आदिवासी प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज कांग्रेस की लाइन पर गंभीरता से काम कर रहे हैं । वरिष्ठ नेता भी उनके प्रयास में पूरा साथ दे रहे हैं । पर महिला प्रदेश अध्यक्ष अभी तक कुछ विशेष नहीं कर पाई हैं । महिलाओं की चुनाव में हर स्तर पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है । पर कांग्रेस की महिलाएं, उचित मार्गदर्शन के अभाव में बेबस दिख रही हैं ।
NSUI और युवा कांग्रेस में विशेष जोश नहीं दिख रहा है । यहाँ गुटबाज़ी चरम पर है । इनसे अच्छा काम तो Gen Z कर लेती है । मुद्दों की कमी नहीं है । छूट पुट प्रदर्शन के लिए प्रदेश सरकार पूरा मौका दे रही । महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, बढ़ते अपराध, इत्यादि अनेक मुद्दे हैं जिन पर कांग्रेस अपना घोर विरोध प्रदर्शित कर जनता का भरोसा जीत सकती है । पर कांग्रेस सदस्यों को उचित मार्गदर्शन का अभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है । सेवा दल तो वैसे भी नाम की है । उसका कहीं अस्तित्व ही नहीं है ।
छत्तीसगढ़ में अभी तो साफ़ लग रहा है कि जनता ने कांग्रेस के पक्ष में मन बना लिया है पर प्रतीत हो रहा है कि केंद्रीय संगठन, गम्भीरता ना लेते हुए, प्रदेश कांग्रेस को हल्के में ले रही है ।
किसी एक नेता पर भरोसा ना करते हुए सभी को साथ ले कर, संयुक्त जिम्मेदारी देना पार्टी के लिए हितकर होगा । वरना कांग्रेस सदस्यों का पसीना व्यर्थ जाने की संभावना दिखाई दे रही है ।