छत्तीसगढ़ में अमित शाह का सफ़ल ऑपरेशन अंतिम चरणों पर … एक करोड़, 61 लाख के इनामी 51 माओवादियों ने एक साथ हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया…

Spread the love

रायपुर, 7 फ़रवरी  2026, 8.1.20 pm : छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के सुकमा एवं बीजापुर जिले में आज एक करोड़ 61 लाख के इनामी 51 माओवादियों ने एक साथ हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। सुकमा में जहां 21 नक्सलियों ने वहीं बीजापुर में 30 हार्डकोर माओवादियों ने आत्मसर्मपण किया है।

माओवादियों ने तीन ए के -47, मैगजीन 8, राउंड 120, दो एसएलआर, मैगजीन 4, राउंड 40,एक इंसास, मैगजीन 2, राउंड 50, सिंगल शॉट – 5, तीन बीजीएल लांचर, राउंड 20, एक बंडल कोर्डेक्स वायर,  जिलेटिन-10 पीस, नॉन इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 20 पीस जैसे हथियारों एवं विस्फोटक पदार्थों के साथ आत्मसमर्पण किया है ।

सुकमा जिला के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया है कि सुकमा में 76 लाख के 21 माओवादियों ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है । इनमें डीव्हीसीएम कैडर के 3, एसीएम कैडर के 5 और पार्टी मेंबर कैडर के 13 सक्रिय माओवादी शामिल हैं । आत्मसमर्पित माओवादी दरभा डिवीजन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, केकेबीएन डिवीजन (ओडिशा) एवं इंद्रावती एरिया कमेटी में सक्रिय रहे हैं ।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लगातार नक्सल विरोधी अभियानों, नए सुरक्षा कैम्पों, सड़क कनेक्टिविटी और शासन की योजनाओं की पहुंच से माओवादी संगठन का प्रभाव तेजी से कमजोर हुआ है। हम शेष सक्रिय माओवादी कैडरों से अपील करते हैं कि वे हिंसा और विनाश का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करें ।

वहीं बीजापुर जिला पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने आज जानकारी दी है कि शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर बीजापुर में भी 30 हार्डकोर माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है । इन माओवादियों पर कुल 85 लाख का इनाम घोषित था। इनमें 20 महिला और 10 पुरूष कैडर के नक्सली शामिल हैं । 1 जनवरी 2024 से अब तक बीजापुर में कुल 918 माओवादी कैडर समाज की मुख्यधारा में लौट चुके हैं । जबकि 1163 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं, 232 माओवादी अलग अलग मुठभेड़ों में मारे गए हैं ।

बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा है कि सुदूर एवं दुर्गम अंचलों में स्थापित सुरक्षा कैम्प, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, लगातार सफल नक्सल विरोधी अभियानों तथा शासन की विकास योजनाओं की प्रभावी पहुँच के कारण माओवादी संगठन का आधार क्षेत्र लगातार सिमटता जा रहा है  इसके परिणामस्वरूप आम नागरिकों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और सहभागिता मजबूत हुई है ।

पुलिस महानिरीक्षक ने शेष बचे माओवादी कैडरों से भावनात्मक एवं मानवीय अपील करते हुए कहा कि हिंसा के मार्ग में केवल विनाश, पीड़ा और अंधकार है, जबकि ‘पूना मारगेम’ अभियान शांति, सम्मानजनक जीवन और सकारात्मक भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान को अपनाकर नक्सली समाज की मुख्यधारा से जुड़ जाएं । आईजी ने कहा कि आत्मसमर्पित करने वाले माओवादियों को शासन से मिलने वाली तमाम सुविधाएं दी जाएंगी जिससे वो आराम से आगे का जीवन बिता सकते हैं ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *